Home हिंदी नहीं, पीएम मोदी नहीं देख रहे थे पठान का ट्रेलर, एडिटेड वीडियो वायरल

नहीं, पीएम मोदी नहीं देख रहे थे पठान का ट्रेलर, एडिटेड वीडियो वायरल

Share
Share

शाहरुख खान की फिल्म पठान का ट्रेलर 10 जनवरी, 2023 को रिलीज हुआ था। हालांकि, इससे पहले ही देशभर में इसका विरोध हो रहा है। इस बीच पीएम मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्हें पठान ट्रेलर को देखते हुए और ताली बजाते हुए दिखाया गया है।

वीडियो को शाहरुख खान के कई प्रशंसकों अभिषेक, कंचना रन आउट द्वारा ट्विटर पर शेयर किया गया है।

हमारी टीम फ़िल्म से जुड़े कई दावों की पड़ताल कर चुकी है। इस बार भी हमनें पड़ताल की जिसमें सच्चाई इतर निकली।

Fact Check

पड़ताल के लिए सबसे पहले हमनें वायरल वीडियो के की फ्रेम को रिवर्स सर्च किया। 22 जुलाई 2019 को हिंदुस्तान टाइम्स के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया वीडियो मिल गया । इसके कैप्शन के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग का सीधा प्रसारण देखा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 22 जुलाई को भारत का दूसरा चंद्र अभियान शुरू किया। चंद्रयान-2 को पहले तकनीकी खराबी के कारण एक सप्ताह पहले रोक दिया गया था। प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में हुआ। चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी हिस्से को कवर करेगा।

आगे हमें ट्विटर पर कुछ कीवर्ड्स सर्च के जरिए यही वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई पर मिल गया। इसमें कैप्शन था “दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दोपहर 2:43 बजे इसरो द्वारा चंद्रयान2 लॉन्च का सीधा प्रसारण देखा।”

इन तमाम बिंदुओं के विश्लेषण से स्पष्ट है कि पीएम मोदी का वायरल वीडियो एडिटेड है जिसमें चंद्रयान2 के लांचिंग के दृश्य हटाकर पठान के ट्रेलर लगा दिए गए ताकि ऐसा लगे कि पीएम मोदी ने फ़िल्म का समर्थन किया है।

Claimपीएम मोदी पठान के ट्रेलर को देख कर ताली बजा रहे हैं
Claimed byसोशल मीडिया यूजर्स
Fact Check फर्जी है

प्रिय पाठकों, हम भारत के खिलाफ फर्जी खबरों को उजागर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हमारे पास अन्य लोगों की तरह कोई कॉर्पोरेट फंडिंग नहीं है। आपका छोटा सा सहयोग हमें और आगे बढ़ने में मदद करेगा। कृपया सहयोग करें।

जय हिन्द

आप हमें UPI द्वारा भी सहयोग कर सकते हैं : vgajera@ybl 

Share
Written by
Only Fact Team -

We are a dedicated fact-checking team committed to verifying political claims, analysing viral content, and countering misinformation with evidence-based research.